अल्मोड़ा के धौलादेवी किसान संगठन के पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह राणा के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर। सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने दी श्रद्धांजलि।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। किसान संगठन धौलादेवी के पूर्व अध्यक्ष और कोटुली गूंठ (जागेश्वर) निवासी प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता जगत सिंह राणा का निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक निधन से क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और प्रबुद्धजनों में गहरा शोक व्याप्त है। हर कोई उनके जनहित के कार्यों को याद कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्व. जगत सिंह राणा लंबे समय तक सक्रिय रूप से किसान संगठन से जुड़े रहे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
इस दुखद घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में कौस्तुबानंद भट्ट, शिवदत्त पांडे, बसंत खनी, केडी मिश्रा, जीवन चंद्र (जे.सी.) और शिवराज सिंह नेगी ‘चतुर सिंह’ समेत कई प्रमुख लोग शामिल रहे। आयोजित शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने उनके कार्यकाल और संघर्षों को याद किया।
शोक सभा में बोलते हुए बसंत खनी ने कहा कि स्व. जगत सिंह राणा ने धौलादेवी किसान संगठन को कई वर्षों तक बेहद कुशल और मजबूत नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने नारकोटिक्स एक्ट के तहत भांग की फसल को नष्ट किए जाने के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था और हमेशा किसानों की आवाज को पुरजोर तरीके से बुलंद किया।
वहीं, शिवदत्त पांडे ने उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि पटौड़िया फार्म में स्थानीय काश्तकारों को उनका हक दिलाने, भूमि सुधार और अतिक्रमण जैसी गंभीर जन समस्याओं को लेकर चलाए गए आंदोलनों में स्व. राणा ने हमेशा बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभाई।
उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि किसानों और आम जनता के लिए उनका यह अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और किसान आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।