Report by : CWN Desk
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देहरादून: नशा मुक्ति केंद्र में हरियाणा के युवक की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी

सितारगंज के सैजनी गांव में खेत की आग बुझाते समय किसान गुरबाज सिंह की मौत हो गई। बेटों को विदेश भेजने के लिए बेची थी जमीन, अब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।

सितारगंज: उत्तराखंड के सितारगंज में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के ग्राम सैजनी में सोमवार दोपहर खेत में लगी आग को बुझाने की कोशिश कर रहे एक किसान की झुलसने से मौत हो गई। 45 वर्षीय किसान गुरबाज सिंह अपने गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाने पहुंचे थे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वह खुद उनकी चपेट में आ गए।
मृतक गुरबाज सिंह छोटे काश्तकार थे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार पाल रहे थे। उन्होंने अपनी आजीविका चलाने और बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी। उनका बड़ा बेटा प्रभ सिंह मलेशिया और छोटा बेटा रघुवीर सिंह दुबई में नौकरी करते हैं। वर्तमान में उनके पास मात्र डेढ़ एकड़ जमीन बची थी, जिसे जोतकर वह अपना गुजारा कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही सरकड़ा चौकी इंचार्ज दीपक तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान को गंभीर हालत में 108 आपातकालीन सेवा के जरिए उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दुखद खबर के बाद पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने अस्पताल पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है। खेत में आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, जिससे गांव में दहशत और दुख का माहौल है।

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