हरिद्वार
हरिद्वार में निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत, परिजनों का हंगामा
रुड़की के कैलाश अस्पताल में डिलीवरी के दौरान मां और अजन्मे बच्चे की मौत पर परिजनों ने काटा हंगामा। डॉक्टरों पर लापरवाही और लिफ्ट न होने का आरोप
हरिद्वार। जिले स्थित रुड़की से एक बेहद दुखद और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के सुनहरा रोड (ईदगाह चौक) स्थित कैलाश अस्पताल में प्रसव के दौरान एक 29 वर्षीया महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के समय मृतका के मुंह से झाग निकल रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।
ओटी में 3 घंटे रखा, अंतिम समय में किया रेफर प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवानपुर क्षेत्र के बालेकी यूसुफपुर निवासी अतीकुर्रहमान अपनी 29 वर्षीया पत्नी साजिदा को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब 3 बजे कैलाश अस्पताल लाए थे। डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी (ऑपरेशन) की बात कहकर महिला को ऑपरेशन थिएटर (OT) में भर्ती किया। आरोप है कि दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक मरीज को अंदर रखा गया और फिर अचानक सांस लेने में दिक्कत बताकर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दे दी।
अस्पताल में लिफ्ट न होने से सीढ़ियों पर लगा आधा घंटा मृतका के पति अतीकुर्रहमान ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लिफ्ट की कोई सुविधा नहीं थी। अचेत अवस्था में मरीज को सीढ़ियों से नीचे उतारने में ही करीब आधा घंटा लग गया। नीचे लाते समय साजिदा के मुंह और नाक से झाग निकलने लगा और अस्पताल से बाहर आते ही उसकी तथा गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के तुरंत बाद संबंधित डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, परिजनों ने दी लिखित शिकायत मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना पाकर देर रात पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और उग्र परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परिजनों ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
