नैनीताल। कोटाबाग में भाजपा नेता व जिला कार्यकारिणी सदस्य विशन नगरकोटी के पुत्र कमल नगरकोटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में बवाल मचा हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस चौकी के एक सिपाही की पिटाई और अभद्रता से आहत होकर कमल ने जहर खाकर जान दे दी। वहीं, पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इन्कार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर सयात गांव निवासी कमल (31) बाइक से जा रहा था। रास्ते में कोटाबाग पुलिस चौकी के एक सिपाही ने उसे रोककर चेकिंग की और कथित तौर पर थप्पड़ मारते हुए अपमानित किया। इससे आहत कमल ने कोटाबाग बाजार में ही जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया। वहां पहुंचने से पहले ही कमल की मौत हो गई।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को कोटाबाग में जमकर हंगामा किया और आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के दौरान पहुंचे कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत का स्वास्थ्य बिगड़ गया। पुलिस प्रशासन ने मामला शांत कराने के लिए कोटाबाग चौकी के पूरे स्टाफ को हटा दिया और दो पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया है।
कमल के पिता विशन नगरकोटी भाजपा मंडल महामंत्री रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि कमल की शादी एक साल पहले ही हुई थी और वह पिता के साथ ठेकेदारी करता था। कमल ने जहर खाने से पहले अपनी मां को फोन कर पूरी घटना बताई थी। परिजनों का कहना है कि वह जल्द ही पुलिस को तहरीर देंगे।
वहीं, कालाढूंगी थानाध्यक्ष विजय मेहता ने कहा कि युवक के नशेड़ी होने की जानकारी मिली है और पुलिस मारपीट के आरोप निराधार हैं। फिलहाल शव मोर्चरी में रखवाया गया है। मामले में जांच की जा रही है।