Report by : CWN Desk
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गांव की सेवा में उतरे रिटायर्ड अधिकारी: बिरगण से कर्नल नेगी के बाद अब गुंजी में आईपीएस विमला गुंज्याल का निर्विरोध प्रधान बनना तय

पिथौरागढ़/पौड़ी। उत्तराखंड के सीमांत और पहाड़ी गांवों में पंचायत चुनावों को लेकर एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार ये चुनाव केवल राजनीतिक महत्व के नहीं, बल्कि समाज सेवा और नेतृत्व क्षमता के प्रतीक भी बनते जा रहे हैं। धारचूला विकासखंड के गुंजी गांव और बीरोंखाल के बिरगण गांव में ऐसे ही उदाहरण सामने आए हैं, जहां से सेवानिवृत्त अधिकारी गांव की सेवा में उतर रहे हैं और ग्रामीणों द्वारा उन्हें निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाए जाने की पहल हो रही है।
गुंजी गांव में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विमला गुंज्याल को ग्राम प्रधान बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ चुकी है। भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद अब वे अपने पैतृक गांव लौट रही हैं। गांव के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें निर्विरोध प्रधान बनाए जाने की सार्वजनिक घोषणा तक कर चुके हैं। विमला गुंज्याल की छवि और अनुभव को देखते हुए ग्रामीणों में यह विश्वास है कि उनके नेतृत्व में गांव का चहुंमुखी विकास संभव है। वाइब्रेंट विलेज योजना से जुड़ा यह सीमांत गांव चीन और नेपाल सीमा के पास स्थित है, जहां विकास की अत्यधिक आवश्यकता है।
कर्नल नेगी: सेना से गांव तक सेवा का संकल्प
इसी तरह पौड़ी जनपद के बिरगण गांव में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्नल यशपाल सिंह नेगी निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए हैं। 2 जुलाई को उन्होंने नामांकन दाखिल किया और उनके खिलाफ किसी ने भी पर्चा नहीं खरीदा। यह गांववासियों की एकजुटता और उनके प्रति विश्वास को दर्शाता है।
कर्नल नेगी ने सेना में तीन दशक से अधिक समय तक सेवा दी और वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद भी उन्होंने चार वर्ष री-एम्प्लॉयमेंट में बिताए। वर्तमान में वे अपने गांव में 45 नाली भूमि पर जैविक और पारंपरिक खेती कर रहे हैं। उनका सपना गांव को आदर्श ग्राम बनाना है। उन्होंने बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर यह साबित कर दिया है कि संकल्प और मेहनत से कोई भी कार्य असंभव नहीं होता।
नेतृत्व का नया दौर
इन दोनों उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि अब ग्रामीण नेतृत्व का स्वरूप बदल रहा है। अब गांवों को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो अनुभव, समर्पण और ईमानदारी के साथ काम करे। विमला गुंज्याल और कर्नल नेगी जैसे अधिकारी इस बदलाव के प्रेरक बन सकते हैं।

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