Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में स्वास्थ्य उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: चौखुटिया के आंदोलनकारी 300 KM पैदल चलकर देहरादून रवाना

अल्मोड़ा के चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती और संसाधन की मांग को लेकर 11 आंदोलनकारी देहरादून के लिए पैदल निकले। 15 KM तक उमड़ा जनसैलाब, 10 दिन में होगा CM आवास का घेराव

चौखुटिया। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की दयनीय स्थिति और सरकारी उपेक्षा से नाराज़ स्थानीय लोगों ने अब एक निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और पर्याप्त संसाधनों की मांग को लेकर 11 आंदोलनकारियों का एक दल शुक्रवार को चौखुटिया से देहरादून के लिए करीब 300 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा पर निकल पड़ा है। उनके समर्थन में पूरे क्षेत्र में जनसैलाब उमड़ पड़ा।


आंदोलनकारियों के इस ऐतिहासिक कूच को समर्थन देने के लिए कई गांवों से लोग चौखुटिया पहुंचे। लोगों ने करीब 15 किलोमीटर तक जुलूस निकाला और आंदोलनकारियों को गर्मजोशी से विदा किया। यह विशाल जनसमर्थन राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों के प्रति लोगों के गहरे आक्रोश को स्पष्ट रूप से दिखाता है। चौखुटिया सीएचसी की दशा सुधारने के लिए स्थानीय लोग पिछले दो अक्तूबर से लगातार आमरण अनशन, क्रमिक अनशन और धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि राज्य सरकार मानकों के अनुरूप सीएचसी में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध करा पाई है और न ही ज़रूरी संसाधन। स्वास्थ्य सुविधाओं की इस गंभीर कमी के चलते चौखुटिया और आसपास के हज़ारों लोगों को बेहतर इलाज के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है। सरकारी उपेक्षा से हताश होकर ही 11 सदस्यों के इस दल ने 300 किलोमीटर की पदयात्रा का कठिन फैसला लिया।
आंदोलनकारियों का यह दल अब गढ़वाल मंडल से होते हुए करीब दस दिन में देहरादून पहुंचेगा। पदयात्रियों ने राजधानी पहुँचकर मुख्यमंत्री (CM) और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करने का स्पष्ट ऐलान किया है। इस आंदोलन ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के मुद्दे को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।

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