Report by : CWN Desk
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नैनीताल में बड़ी कार्रवाई: सरकारी काम निजी हाथों में सौंपने वाले 2 कानूनगो डिमोट

नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल ने राजस्व अभिलेखों की गोपनीयता से खिलवाड़ करने वाले दो रजिस्ट्रार कानूनगो को पद से हटाकर डिमोट कर दिया है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर जिलाधिकारी ने एक बड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने सरकारी कार्यों में लापरवाही और गोपनीयता भंग करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कार्यभार का बहाना बनाकर निजी व्यक्तियों से सरकारी काम करवाने वाले दो रजिस्ट्रार कानूनगो को अब भारी कीमत चुकानी पड़ी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच में दोषी पाए गए दोनों कर्मचारी
निलंबित रजिस्ट्रार कानूनगो भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट को जांच प्रक्रिया के बाद दोषी करार दिया गया है। प्रशासनिक जांच में यह पूरी तरह सिद्ध हुआ कि दोनों कार्मिकों ने अपने वैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन अनधिकृत और निजी व्यक्तियों के माध्यम से कराया था। जांच अधिकारी ने दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर इन गंभीर आरोपों की पुष्टि की है। इसके बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने इनके पदावनत (डिमोट) करने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए।
कार्यभार का बहाना नहीं आया काम
सुनवाई के दौरान दोनों कार्मिकों ने अपना पक्ष रखते हुए अत्यधिक कार्यभार को इसका मुख्य कारण बताया था। हालांकि, जिला प्रशासन ने उनके इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। प्रशासन का मानना है कि सरकारी अभिलेखों की गोपनीयता के साथ किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। अब दोनों को उनके वर्तमान पद से हटाकर निम्न पद और न्यूनतम वेतनमान पर भेज दिया गया है। यह दंडात्मक प्रविष्टि उनकी सेवा पुस्तिका (Service Book) में भी दर्ज की जाएगी।
भविष्य में भी बनी रहेगी कार्रवाई की तलवार
प्रशासन ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यह विभागीय कार्रवाई अंतिम नहीं है। यह आदेश भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित आपराधिक जांच या विजिलेंस (सतर्कता) जांच को प्रभावित नहीं करेगा। इसका अर्थ है कि यदि मामले में आगे कोई वित्तीय अनियमितता या आपराधिक साजिश सामने आती है, तो उन पर अलग से मुकदमा चलाया जा सकता है। डीएम की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप कतई बर्दाश्त नहीं होगा।

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