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हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक अहम खबर है। अस्पताल की केन्द्रीय लैब में होने वाली लगभग 200 प्रकार की जांचों की दरों में करीब 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। यह बदलाव चिकित्सा शिक्षा के अधीन सभी अस्पतालों में जांचों की दरों को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के बराबर करने के शासन के निर्देशों के बाद किया जा रहा है।
जांच दरों में वृद्धि का कारण
शासन के नए निर्देशों के अनुसार, अब सभी सरकारी अस्पतालों में जांचों की दरें सीजीएचएस की रेट लिस्ट के अनुसार होंगी। इसी के चलते एसटीएच की केन्द्रीय लैब में भी दरों को रिवाइज किया जा रहा है। एसटीएच में पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी विभागों के अंतर्गत 200 से अधिक प्रकार की जांचें होती हैं, जिनमें से ज्यादातर की दरों में 30 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि होने की संभावना है।
अन्य शुल्क में भी बदलाव
जांच दरों के साथ-साथ एसटीएच में अन्य शुल्कों में भी बदलाव किया गया है। अब अस्पताल में पर्चा बनवाने का शुल्क 5 रुपये से बढ़कर 20 रुपये हो गया है, जबकि भर्ती का पर्चा 50 रुपये का बनेगा। इसके अलावा, एंबुलेंस का किराया भी बढ़ाया गया है, जिसके तहत 200 किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर 20 रुपये किराया लगेगा।
मरीजों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
जांच दरों और अन्य शुल्कों में हुई इस वृद्धि से मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है। खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह बदलाव काफी मुश्किल साबित हो सकता है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव शासन के निर्देशों के अनुसार किया गया है और इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
एसटीएच प्रशासन का कहना है कि दरों में वृद्धि सीजीएचएस के मानकों के अनुरूप है और इससे अस्पताल की सेवाओं में सुधार होगा। उनका कहना है कि बढ़ी हुई दरों से जुटाए गए राजस्व का उपयोग मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में किया जाएगा।