हल्द्वानी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा के निर्देशन में हल्द्वानी पुलिस ने परीक्षा में नकल कराने वाले एक सक्रिय गैंग का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग आगामी एसएससी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें नकल के जरिए पास कराने की साजिश रच रहा था। पुलिस ने गैंग के कब्जे से नकल कराने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा को हल्द्वानी क्षेत्र में एक ऐसे गैंग के सक्रिय होने की जानकारी मिली जो परीक्षाओं के दौरान तकनीकी माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल करवाता था। इस सूचना के आधार पर प्रकाश चन्द्र, पुलिस अधीक्षक नगर, और नितिन लोहनी, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया।
टीम ने 3 अगस्त को हल्द्वानी के टीपीनगर क्षेत्र स्थित होटल जलविक के कमरा नंबर 103 में छापा मारकर नकल के उपकरणों सहित नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान गैंग लीडर सुनील कुमार (बागपत), परविंदर कुमार (बागपत, हाल निवासी देहरादून), रमाकांत शर्मा उर्फ राहुल (बुलंदशहर), अभिषेक कुमार (हाथरस), विशाल गिरी (मेरठ/हरिद्वार), आफताब खान (मुजफ्फरनगर), अरुण कुमार (मुजफ्फरनगर), शिव सिंह (हाथरस) और जसवीर सिंह (रोहतक/जींद, हरियाणा) के रूप में हुई।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और सभी पर कुछ न कुछ आर्थिक कर्ज था। इस कारण उन्होंने मिलकर एक योजना बनाई जिसमें वे किसी कंप्यूटर लाइब्रेरी को लीज पर लेकर परीक्षाओं के दौरान सॉल्वर लड़कों और रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर (AnyDesk, Ammy Admin) के जरिए अभ्यर्थियों को नकल करवाकर चार-चार लाख रुपये की वसूली करते।
योजना के अनुसार, गैंग लीडर परविंदर और सुनील ने दिसंबर 2024 में हल्द्वानी के मानपुर पश्चिम में स्थित “ज्ञानकोश डिजिटल लाइब्रेरी” को दीपक कन्नौजी (देहरादून निवासी) से लीज पर लिया था। इसी सेंटर से 6 अगस्त 2025 से शुरू होने वाली एसएससी परीक्षा में नकल कराने की तैयारी चल रही थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से दो लैपटॉप (लेनोवो व एचपी), चार्जर, वाईफाई डोंगल और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए। अभियुक्त सुनील, परविंदर और जसवीर के विरुद्ध पहले से ही विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव के साथ वरिष्ठ उप निरीक्षक महेन्द्र प्रसाद, एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़, उपनिरीक्षक प्रेम राम, गौरव जोशी, फिरोज जालम, हेड कांस्टेबल मनोज टम्टा, इसरार नवी सहित पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल ने इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को ₹2,500 की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है। पुलिस द्वारा गैंग के अन्य नेटवर्क की जांच भी की जा रही है, ताकि इस तरह की परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी को जड़ से समाप्त किया जा सके।