रामनगर के पुछड़ी में बुलडोजर कार्रवाई से बेघर हुए परिवारों के समर्थन में उपपा ने खोला मोर्चा। प्रभात ध्यानी ने हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की
नैनीताल। जिले के रामनगर स्थित पुछड़ी गांव में प्रशासन द्वारा चलाई गई बुलडोजर कार्रवाई पर राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने दो-तीन पीढ़ियों से बसे सैकड़ों परिवारों को बेघर करने की इस कार्रवाई को अमानवीय और शर्मनाक करार दिया है।
उपपा के संयोजक पीसी तिवारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों के कई मामले जिलाधिकारी और उच्च न्यायालय में विचाराधीन थे। इसके बावजूद प्रशासन ने लोगों को अपना सामान समेटने के लिए 24 घंटे का समय भी नहीं दिया। कार्रवाई का विरोध कर रहे उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी और अन्य कार्यकर्ताओं को नोटिस थमा दिए गए।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मौके पर जाने से रोका गया, जो प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बिना कानूनी प्रक्रिया का सही पालन किए गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए गए हैं।
इस घटना के विरोध में कार्यकर्ताओं ने रामनगर एसडीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और दिनभर धरना दिया। उपपा ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर इस पूरे प्रकरण पर स्वतः संज्ञान लेने और बेघर हुए परिवारों को तुरंत न्याय दिलाने की मांग की है।