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हल्द्वानी: कुमाऊं के प्रमुख अस्पताल, डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में इलाज कराने वालों के लिए अब खर्च बढ़ गया है। राज्य सरकार द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों में एक समान यूजर चार्ज लागू करने के निर्णय के बाद एसटीएच में भी इलाज की दरें बढ़ाई गई हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब पर्चे बनवाने का खर्च चार गुना हो गया है। इसके अलावा, प्राइवेट वार्ड, आईपीडी और एम्बुलेंस का किराया भी बढ़ा दिया गया है। अस्पताल की पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचों की दरों में भी 10 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा सकती है।
गर्भवती महिलाओं पर असर:
इस बढ़ोतरी से सबसे अधिक प्रभावित गर्भवती महिलाएं होंगी। जिले में खुशियों की सवारी योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मुफ्त परिवहन की सुविधा दी जाती थी, लेकिन अब एसटीएच में इलाज का खर्च बढ़ने से इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को आर्थिक दिक्कतें हो सकती हैं।
जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं:
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। 3 फरवरी को जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा, जिले में 37 नई एएनएम की तैनाती की गई है और 5 नए 108 एंबुलेंस भी आएंगे।
मुख्य बिंदु:
* एसटीएच में इलाज की दरें बढ़ीं
* पर्चा, प्राइवेट वार्ड, आईपीडी और एम्बुलेंस का किराया बढ़ा
* पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचों की दरों में भी वृद्धि
* गर्भवती महिलाओं पर पड़ेगा असर
* जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के प्रयास
यह खबर उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो एसटीएच में इलाज कराते हैं या कराने वाले हैं।
संक्षेप में:
एसटीएच में इलाज महंगा होने से आम लोगों, खासकर गर्भवती महिलाओं को मुश्किलें हो सकती हैं। हालांकि, जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।