उत्तराखंड में क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत कार्य की जमीनी हकीकत जांचने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद औचक निरीक्षण करेंगे। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और गड्ढा मुक्त अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मैदान में उतरने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के किसी भी जिले या स्थान पर पहुंचकर अचानक सड़कों का मुआयना करेंगे। इस दौरान यदि सड़क की गुणवत्ता खराब पाई गई या कार्य में ढिलाई दिखी, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि मानसून के कारण राज्य की कई सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा था। श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़कों को दुरुस्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन की ओर से अधिकारियों को 15 अक्तूबर तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कड़ा निर्देश दिया गया था, जिसकी समीक्षा अब औचक निरीक्षण के जरिए होगी।
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्य के पवित्र तीर्थस्थलों और प्रमुख पर्यटक स्थलों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त और दौरे करने की हिदायत दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।
अपने तय दौरों के क्रम में मुख्यमंत्री रविवार को चंपावत जिले के प्रवास पर रहेंगे, जहां वह कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वह नागार्जुन पार्क के लोकार्पण और नए खेल ढांचों के शुभारंभ कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। सरकार के इन कदमों से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी और प्रशासनिक जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।