उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू पर दर्ज कराई FIR। अस्पताल से दिया बयान, कहा- शादी से पहले पहली पत्नी की जानकारी नहीं थी, न्याय की उम्मीद।
देहरादून। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े हालिया विवाद पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। देहरादून के अस्पताल में भर्ती मंत्री ने स्पष्ट कहा कि शादी से पहले उन्हें इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि गिरधारी लाल साहू पहले से विवाहित हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला के स्वाभिमान और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाना जरूरी था, उन्होंने वही उठाया है।
मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश रचने जैसे संगीन आरोपों के तहत देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, साहू ने अपनी पहली शादी की बात छिपाकर उनसे विवाह किया। इसके अलावा, दस्तावेजों पर मंत्री के कथित फर्जी हस्ताक्षर करवाकर उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से भी चुपचाप हटा दिया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मंत्री द्वारा साक्ष्य के तौर पर एक संदिग्ध ऑडियो क्लिप सौंपी गई है, जिसमें उनके पति किसी अन्य महिला के साथ मिलकर उन्हें शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुंचाने की योजना बनाते सुने जा रहे हैं। देहरादून पुलिस ने इस ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और एसआईटी सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
अस्पताल से जारी अपने बयान में रेखा आर्य ने भरोसा जताया कि कानून सभी के लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस एक आम महिला को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्षता से काम करती है, ठीक उसी तरह उनके मामले में भी सच सामने आएगा। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा।