रुड़की गंगनहर कोतवाली में तैनात रहे दो उपनिरीक्षकों मनदीप सिंह और बलवंत पंवार के खिलाफ रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज। जानिए पूरा मामला।
रुड़की। पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। गंगनहर कोतवाली में पूर्व में तैनात रहे दो उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) के खिलाफ रिश्वतखोरी, गाली-गलौज और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी देहात अभय सिंह के अनुसार इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागपत जिले के निरपुड़ा गांव निवासी निश्चय राणा ने गंगनहर कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी। उन्होंने तत्कालीन उपनिरीक्षक मनदीप सिंह और बलवंत पंवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में बताया गया कि उनके भाई निवेश राणा के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान इन दरोगाओं ने उन्हें जेल भेजने, जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने का लगातार भय दिखाया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने मामले में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाने की एवज में 3.50 लाख रुपये अवैध रूप से वसूल लिए और इसके अलावा पांच लाख रुपये की और मांग की गई। यह पूरा विवाद 5 जुलाई 2023 को सुषमा सैनी की ओर से निश्चय राणा और नितीश राणा के खिलाफ दर्ज कराए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे से जुड़ा हुआ है।
शुरुआती दौर में इस मामले की जांच दरोगा मनदीप सिंह द्वारा की गई थी, और बाद में जांच की जिम्मेदारी दरोगा बलवंत पंवार को सौंपी गई थी। जांच के इसी अंतराल में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर वित्तीय लेनदेन और डराने-धमकाने का खेल खेला गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।