हरिद्वार में मरम्मत कार्य के चलते ऊपरी खंड गंगनहर 18 दिनों के लिए बंद कर दी गई है। जानिए दीपावली पर कब शुरू होगा पानी और हरकी पैड़ी की स्थिति।
हरिद्वार। हरिद्वार में ऊपरी खंड गंगनहर को मंगलवार मध्यरात्रि को मरम्मत के काम के चलते 18 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। वार्षिक मरम्मत कार्यों के कारण बंद की गई इस नहर के चलते अब सात और आठ नवंबर की मध्य रात्रि को दीपावली के पावन पर्व पर नहर में दोबारा जल की निकासी चालू की जाएगी। इस दौरान नहर से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में विकास और रखरखाव के कार्य तेजी से किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की इस वार्षिक बंदी के दौरान गंगनहर में रंग-रोगन, पुलों की मरम्मत, सिल्ट की सफाई और रेगुलेटरों में ऑयलिंग का काम किया जाएगा। इसके अलावा, सिंचाई के लिए बने नालों और रजवाहों की मरम्मत भी पूरी की जाएगी। मेला प्रशासन भी आगामी आयोजनों और कुंभ मेले के दृष्टिगत नए घाटों और पुलों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटा हुआ है।
कानपुर तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण गंगनहर के बंद होने से यूपी और दिल्ली एनसीआर के कुछ इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसे लेकर प्रशासन सतर्क है। हालांकि, आम जनता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
गंगनहर बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर यह है कि हरकी पैड़ी और ब्रह्मकुंड पर स्नान के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा। यूपी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने जानकारी दी है कि नहर में मुख्य पानी बंद होने के बाद भी भगीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी के लिए 200 क्यूसेक जल लगातार उपलब्ध कराया जाएगा।
यदि किसी स्थिति में हरकी पैड़ी पर जल की मात्रा कम होती है, तो प्रशासन द्वारा तुरंत कदम उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल गेट को भी खोला जाएगा ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और स्नान की परंपरा में कोई बाधा उत्पन्न न हो।