ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में बड़ा हादसा। फ्री फॉल जंपिंग के दौरान रस्सी टूटने से गुरुग्राम का पर्यटक सोनू घायल। पर्यटन विभाग ने लगाई गतिविधियों पर रोक, अन्य पार्कों का सुरक्षा ऑडिट शुरू। क्या रोमांच से समझौता कर रहे हैं ऑपरेटर? पूरी खबर पढ़ें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
ऋषिकेश। उत्तराखंड की साहसिक पर्यटन राजधानी ऋषिकेश एक बड़े हादसे के बाद सवालों के घेरे में आ गई है। शिवपुरी क्षेत्र में स्थित ‘थ्रिल फैक्ट्री’ एडवेंचर पार्क में बुधवार देर शाम फ्री फॉल जंपिंग (बंजी जंपिंग) के दौरान एक भयानक घटना हुई। गुरुग्राम, हरियाणा के 23 वर्षीय पर्यटक सोनू कुमार ने जैसे ही 87 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्म से छलांग लगाई, अचानक रस्सी बीच से टूट गई, जिससे वह सीधे नीचे टीन शेड पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे एडवेंचर पार्क में हड़कंप मचा दिया।
हादसा होते ही पार्क कर्मचारियों ने आनन-फानन में घायल पर्यटक सोनू कुमार को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पर्यटक के एक हाथ में फ्रैक्चर आया है और उनकी पसलियों में भी गंभीर चोटें लगी हैं। यह घटना न सिर्फ सोनू के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी, बल्कि इसने पूरे साहसिक पर्यटन उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के तुरंत बाद, पर्यटन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने तत्काल प्रभाव से थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में सभी प्रकार की साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। विभाग की ओर से यह भी घोषणा की गई है कि थ्रिल फैक्ट्री के आसपास संचालित हो रहे अन्य तीन बंजी जंपिंग एडवेंचर पार्कों का भी विस्तृत सुरक्षा और सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इन पार्कों में सुरक्षा मानकों की गहनता से जाँच होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना दर्शाती है कि रोमांचक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने मुनिकीरेती पुलिस को भी मामले की जांच के लिए निर्देश दिए हैं। पर्यटन ऑपरेटरों को चाहिए कि वे पर्यटकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें और उपकरणों की नियमित जाँच सुनिश्चित करें। उत्तराखंड सरकार साहसिक खेलों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने पर लगातार जोर देती रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर लापरवाही के कारण पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस घटना के बाद, पर्यटन विभाग को साहसिक पर्यटन के नियमों को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है।