Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड: भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नई पहल, CM धामी ने ‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’ अभियान किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ की मल्ला जोहार घाटी से कैलास मानसरोवर की ऐतिहासिक यात्रा को फिर से शुरू करने के प्रयासों की घोषणा की। मिलम में CM ने ITBP जवानों का हौसला बढ़ाया।

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांव मिलम से एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि पिथौरागढ़ की मल्ला जोहार घाटी से कैलास मानसरोवर की ऐतिहासिक एवं पौराणिक यात्रा को पुनः प्रारंभ करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएँगे। मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित मिलम गाँव पहुँचकर यह बात कही। उनका यह बयान क्षेत्र के लोगों और पर्यटन उद्योग के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।


मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने सीमा सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी और सेना के जवानों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया। CM धामी ने कहा कि मिलम के रास्ते ज्ञानिमा मंडी से भारत-चीन व्यापार की संभावनाओं को तलाशने के लिए भी भारत सरकार के स्तर पर बातचीत चल रही है। यह कदम मल्ला जोहार क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
CM धामी ने इस बात पर जोर दिया कि मल्ला जोहार घाटी सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के उद्देश्य से सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ चला रही है। उन्होंने कहा कि मल्ला जोहार क्षेत्र के अध्ययन, संरक्षण और समग्र विकास के लिए यदि आवश्यक हुआ, तो एक विशेष आयोग का भी गठन किया जाएगा। यह आयोग क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री ने संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की बात कही कि हिमालय विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करे। मुख्यमंत्री का यह दौरा और उनके ऐलान स्पष्ट करते हैं कि सरकार की प्राथमिकता में सीमांत क्षेत्रों का विकास और सुरक्षा सर्वोपरि है। कैलास मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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