Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी मंडी में आर-पार की जंग: नए साल के पहले दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप रहेगा कारोबार

हल्द्वानी मंडी परिषद के खिलाफ व्यापारियों ने बेमियादी हड़ताल शुरू की। लीज रेंट विवाद के कारण सब्जी और राशन की सप्लाई ठप। जानें क्या हैं व्यापारियों की 10 मांगें।

हल्द्वानी: कुमाऊं की सबसे बड़ी फल, सब्जी और अनाज मंडी हल्द्वानी में बुधवार रात से अनिश्चितकालीन तालाबंदी शुरू हो गई है। मंडी परिषद द्वारा लीज रेंट और दुकानों की नपाई के विरोध में व्यापारियों ने यह कड़ा कदम उठाया है। इस हल्द्वानी मंडी हड़ताल के कारण न केवल कुमाऊं बल्कि गढ़वाल के कई जिलों में भी आवश्यक वस्तुओं का गंभीर संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
विवाद की मुख्य वजह हायर-परचेज की दुकानों के लीज रेंट को लेकर है। मंडी परिषद सर्किल रेट के अनुसार भुगतान वसूलने की तैयारी कर रहा है, जिसे व्यापारी सरासर उत्पीड़न बता रहे हैं। देर शाम विधायक डॉ. मोहन बिष्ट और मंडी अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने व्यापारियों के साथ लंबी वार्ता की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें लिखित में नहीं मानी जातीं, तब तक बंदी जारी रहेगी।
[A large group of traders protesting at the gates of Haldwani Mandi]
इस हड़ताल का सबसे बुरा असर पर्वतीय क्षेत्रों की सप्लाई लाइन पर पड़ने वाला है। हल्द्वानी से ही अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जैसे जिलों को प्रतिदिन दर्जनों ट्रक सब्जियां और राशन भेजे जाते हैं। मंडी बंद होने से गुरुवार को माल की खेप रवाना नहीं हो सकी। बाजार में आपूर्ति कम होने की वजह से आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम आसमान छू सकते हैं।
व्यापारी संघ के अध्यक्ष कैलाश जोशी के अनुसार, उनकी 10 सूत्रीय मांगों में लाइसेंस नवीनीकरण, अनावश्यक निर्माण पर रोक और व्यापारियों का बीमा शामिल है। फिलहाल, व्यापारियों ने बाहर से आने वाले माल पर भी रोक लगा दी है। हल्द्वानी न्यूज़ के मुताबिक, प्रशासन अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है ताकि आम जनता को राशन और सब्जी के लिए परेशान न होना पड़े।

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