Report by : CWN Desk
Published at :
ऋषिकेश में पर्यटन का नया अध्याय: बैराज जलाशय में पहली बार उतरा सी-प्लेन

ऋषिकेश के बैराज जलाशय में सी-प्लेन की सफल लैंडिंग हुई। महज 7 मिनट में जौलीग्रांट से ऋषिकेश पहुंचा विमान। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया बढ़ावा।

ऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध योगनगरी ऋषिकेश के नाम अब एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। सरकार ने ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की है। सोमवार को पहली बार ऋषिकेश के बैराज जलाशय में ‘सी-प्लेन’ (Sea-plane) उतारा गया। इस सफल परीक्षण के साथ ही उत्तराखंड में जल आधारित विमान सेवाओं और साहसिक क्रीड़ा गतिविधियों की नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।
सोमवार शाम करीब छह बजे यूजेवीएनएल (UJVNL) के बैराज जलाशय में सी-प्लेन ‘टूइन ऑटर’ की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। यह विशेष विमान जौलीग्रांट एयरपोर्ट के रन-वे से शाम 5 बजकर 53 मिनट पर उड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि सड़क मार्ग से घंटों का सफर तय करने के बजाय, इस विमान ने महज सात मिनट में जलाशय तक का सफर पूरा कर लिया। 19 सीटर इस सी-प्लेन को पहली बार जलाशय की लहरों पर तैरते देख स्थानीय लोग और पर्यटक रोमांचित हो उठे।
इस सी-प्लेन का संचालन ‘स्काई हॉप’ कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सफल लैंडिंग के बाद कंपनी के अधिकारी और तकनीकी टीम बेहद उत्साहित नजर आई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकेश में सी-प्लेन सेवा शुरू होने से न केवल पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सैकड़ों नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार अब बैराज जलाशय को एक प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
आने वाले समय में सी-प्लेन सेवा शुरू होने से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आवाजाही बेहद आसान और लग्जरी हो जाएगी। सुरक्षित लैंडिंग की पुष्टि होने के बाद अब इसे नियमित रूप से संचालित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। ऋषिकेश अब केवल आध्यात्मिक शांति और गंगा आरती के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक हवाई सेवाओं के लिए भी दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बनेगा। सरकार की इस पहल से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›