Report by : CWN Desk
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देहरादून में नई डॉग पॉलिसी लागू: आक्रामक कुत्तों पर 20,000 जुर्माना, नियम टूटे तो खैर नहीं

देहरादून नगर निगम ने डॉग पॉलिसी 2025 लागू की। पिटबुल और रॉटवीलर जैसे कुत्तों का पंजीकरण न कराने पर भारी जुर्माना। जानें लाइसेंस और नसबंदी से जुड़े नए नियम।

देहरादून: राजधानी देहरादून में पालतू और आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। निगम ने शनिवार, 14 मार्च से ‘डॉग पॉलिसी 2025’ को पूरे शहर में प्रभावी ढंग से लागू कर दिया है। नई उपविधि के तहत अब पालतू कुत्तों का पंजीकरण, नसबंदी और टीकाकरण अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मालिकों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नगर निगम की नई गाइडलाइंस के अनुसार, पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो और अमेरिकन बुलडॉग जैसी आक्रामक नस्लों के लिए नियम बेहद कड़े हैं। यदि इन श्वानों का पंजीकरण और नसबंदी नहीं कराई गई, तो मालिक को प्रति कुत्ता 20,000 रुपये जुर्माना भरना होगा। वहीं, सामान्य नस्ल के कुत्तों का पंजीकरण न कराने पर 5,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि इस पॉलिसी को आम जनता और पशु कल्याण संस्थाओं के सुझावों के बाद अंतिम रूप दिया गया है। नई नीति में रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी (RWA) की भी जवाबदेही तय की गई है। इसके अलावा, यदि कोई मालिक अपने पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ता है, तो उस पर न केवल 20 हजार रुपये जुर्माना लगेगा, बल्कि मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
हाल ही में सहस्त्रधारा रोड पर एक आवारा कुत्ते द्वारा जीआरपी सिपाही समेत कई लोगों पर हमले की घटना के बाद निगम ने सक्रियता बढ़ा दी है। शहर में पूर्व में भी जाखन जैसी जगहों पर कुत्तों के हमले के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए अब पेट शॉप, ब्रीडिंग फार्म और डॉग केयर सेंटर्स के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी नागरिक समय सीमा के भीतर अपने पालतू जानवरों का पंजीकरण करा लें। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। नियमों के पालन से न केवल शहर सुरक्षित रहेगा, बल्कि पशुओं का भी बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।
जुर्माने की दरें एक नजर में:
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माने की राशि |
|—|—|
| आक्रामक नस्ल (पिटबुल आदि) का पंजीकरण न होना | 20,000 रुपये |
| सामान्य कुत्ते का पंजीकरण न होना | 5,000 रुपये |
| पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ना | 20,000 रुपये + FIR |
| पेट शॉप लाइसेंस न लेना | 300 रुपये प्रति माह विलंब |

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