Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में शीतलहर और हिमपात से निपटने की तैयारी तेज: सीएम धामी ने जारी की नई गाइडलाइंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में शीतलहर और हिमस्खलन से निपटने के लिए नई गाइडलाइंस जारी कीं। आपदा प्रबंधन को बताया सामूहिक जिम्मेदारी, तकनीकी इस्तेमाल पर जोर।

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम में ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन केवल एक विभाग का काम नहीं, बल्कि प्रशासन, निकायों और जनता की सामूहिक जिम्मेदारी है। सीएम ने इस दौरान शीतलहर, बाढ़ और हवाई यातायात सहायता के लिए नई एस.ओ.पी. (SOP) और आपदा प्रबंधन विभाग का नववर्ष कैलेंडर 2026 भी जारी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में हिमस्खलन (एवलांच) और शीतलहर एक गंभीर चुनौती है। इससे निपटने के लिए सरकार ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपना रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आधुनिक सेंसर लगाए जा रहे हैं ताकि अर्ली वार्निंग सिस्टम (पूर्व चेतावनी प्रणाली) को और सुदृढ़ किया जा सके। सरकार की प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और तीर्थाटन को सुरक्षित बनाना है।
सर्दियों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाइपोथर्मिया और निमोनिया जैसी समस्याओं के समाधान के लिए मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय रखा जाए। जिलाधिकारियों को अलाव, रैन बसेरों और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दवाइयों और हीटिंग उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति के आदेश दिए गए हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले ‘युवा आपदा मित्रों’ को भी सम्मानित किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार आपदा राहत वाहनों को भी सीएम ने हरी झंडी दिखाई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी संबोधित करते हुए कहा कि शीतलहर प्रबंधन एक प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व है, जिसे सभी विभागों को समन्वय के साथ निभाना होगा।

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