हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की संस्कृति और विकास पर बात की। सख्त भू-कानून और पारदर्शी भर्ती पर दिया जोर।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को हल्द्वानी में आयोजित भव्य ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण की सराहना करते हुए कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार होने के साथ ही पर्वतीय समाज की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है।
महोत्सव में लोकगायन और लोकनृत्य के माध्यम से युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने के लिए ‘वैदेही कल्चरल एजुकेशन एंड आर्ट फाउंडेशन’ के प्रयासों की भी सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोलिया, झोड़ा, चांचरी और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनें उत्तराखंड की अनूठी लोक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचा रही हैं।
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि देवभूमि की अस्मिता की रक्षा करना सरकार का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और सशक्त भू-कानून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदार संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि सरकार अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।