बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए इंडिया गठबंधन का क्रमिक अनशन स्थगित। हरीश रावत ने किया 15 नवंबर को सीएम आवास घेराव का ऐलान।
नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र स्थित बिंदुखत्ता गांव को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग ने अब आक्रामक रूप ले लिया है। इंडिया गठबंधन ने राज्य सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इस मांग को लेकर आगामी 15 नवंबर को राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की बड़ी घोषणा की गई है।
बिंदुखत्ता के काररोड स्थित शहीद स्मारक पर बीते 2 अक्टूबर से चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर 26 दिनों से जारी क्रमिक अनशन को समाप्त कराया। इस दौरान बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने और गौला तटबंध निर्माण समेत नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1 लाख से अधिक की आबादी वाले बिंदुखत्ता, सुंदरखाल और पापड़ी जैसे गांवों का 100 साल से भी पुराना इतिहास है। कठिन परिश्रम से बंजर भूमि को आबाद करने वाले इन गरीब, भूमिहीन और दलित परिवारों को उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा ने चुनाव में जो वादा किया था, उसे 10 साल में भी पूरा नहीं किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि 15 नवंबर से पहले क्षेत्रवासियों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो हजारों की संख्या में लोग देहरादून कूच करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही पहली कैबिनेट में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही तराई-भाबर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और जनआंदोलन तेज हो गया है।