हल्द्वानी के आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गोनिया की सुरक्षा का मामला राष्ट्रपति कार्यालय और उत्तराखंड सूचना आयोग तक पहुंचा। SSP नैनीताल को कार्रवाई के निर्देश।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी प्रसिद्ध सामाजिक एवं आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता हेमंत सिंह गोनिया की सुरक्षा से जुड़ा मामला अब देश के सर्वोच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुँच गया है। कार्यकर्ता को मिल रही धमकियों और सुरक्षा संबंधी खतरों को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सूचना आयोग, राष्ट्रपति कार्यालय और उत्तराखंड शासन ने त्वरित संज्ञान लिया है। इस मामले में शासन की ओर से दो महत्वपूर्ण पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पहले आधिकारिक पत्राचार के तहत उत्तराखंड सूचना आयोग के उप सचिव संतोष कुमार पाण्डेय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल को पत्र जारी किया है। यह पत्र हेमंत सिंह गोनिया द्वारा दिए गए सुरक्षा संबंधी प्रार्थना पत्र के आधार पर भेजा गया है। आयोग ने पुलिस प्रशासन को शिकायत पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और की गई प्रगति से शिकायतकर्ता को अवगत कराने का स्पष्ट अनुरोध किया है।
वहीं, दूसरा प्रमुख पत्र राष्ट्रपति कार्यालय से प्राप्त शिकायत के आधार पर मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी किया गया है। वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव एम.एल. उनियाल ने शासन के संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर प्रकरण पर नियमानुसार कठोर कदम उठाने की अपेक्षा की है। राष्ट्रपति भवन से सीधे शासन तक मामला पहुँचने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत जानकारी मांगने का अधिकार देता है। ऐसे में आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बन जाता है। इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से की जाने वाली भावी कार्रवाई पर अब क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों की नज़रें टिकी हुई हैं।