Report by : CWN Desk
Published at :
उत्तराखंड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: दो तेंदुए की खालों के साथ तस्कर गिरफ्तार

देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को दो तेंदुए की खालों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डब्ल्यूसीसीबी दिल्ली से मिली सूचना के आधार पर की गई।
क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी रोकने के लिए एसटीएफ को निर्देश दिए थे। इसी क्रम में एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने अपनी टीम को वन्यजीव तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी एसटीएफ चन्द्रमोहन सिंह ने बताया कि डब्ल्यूसीसीबी दिल्ली से सूचना मिली थी कि उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र में वन्यजीव अंगों की तस्करी हो रही है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए बृजमोहन पुत्र जनक सिंह को दो तेंदुए की खालों के साथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार तस्कर का विवरण
गिरफ्तार किया गया अभियुक्त बृजमोहन पुत्र जनक सिंह ग्राम गंगार तहसील मोरी थाना मोरी जिला उत्तरकाशी का रहने वाला है। उसकी उम्र 30 वर्ष है।
बरामद सामान
तस्कर के पास से बरामद की गई दोनों तेंदुए की खालें लगभग 6 फीट और 8 फीट लंबी हैं। तेंदुए को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है और इसका शिकार करना एक गंभीर अपराध है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तस्कर के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
एसटीएफ की टीम
इस कार्रवाई में उत्तराखंड एसटीएफ के धर्मेंद्र सिंह रौतेला, उप निरीक्षक हितेश कुमार, हेड कांस्टेबल अनूप भाटी, वीरेंद्र नौटियाल, कैलाश नयाल, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, अनिल कुमार और डब्ल्यूसीसीबी दिल्ली की टीम के साथ थाना पुरोला से पुलिसकर्मी, अपर उपनिरीक्षक मोहर सिंह, हेड कांस्टेबल अब्बल सिंह शामिल थे।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
* वन्यजीव संरक्षण: यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी जीत है।
* तस्करी पर लगाम: इस कार्रवाई से वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
* कानून का राज: यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि कानून का राज कायम है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›