Report by : Paras Bisht
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हल्द्वानी में जुलूस निकालकर मजदूरों ने कुमाऊँ श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन
हल्द्वानी में जुलूस निकालकर मजदूरों ने कुमाऊँ श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन

सिडकुल पंतनगर स्थित समाज ऑटोमोटिव कारखाने से निकाले गए 41 स्थायी मजदूर

हल्द्वानी में जुलूस निकालकर मजदूरों ने कुमाऊँ श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन

हल्द्वानी। सिडकुल पंतनगर स्थित समाज ऑटोमोटिव कारखाने द्वारा निकाले गए 41 स्थायी मजदूरों ने हल्द्वानी में जुलूस निकालकर कुमाऊँ श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन  किया और श्रमायुक्त व  मुख्य कारखाना निरीक्षक कार्यालय को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान श्रम भवन में हुए धरने को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा कहा कि समाज ऑटोमोटिव कारखाने के नये मालिक ने अपने अधीन 20 दिनों तक कार्य लेने के बाद मजदूर यूनियन व श्रम विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना व उचित प्रक्रिया अपनाये ही अपने सभी 41 स्थायी मजदूरों को मौखिक रूप से कहकर काम से निकाल दिया और गेटबंदी कर दी।  जबकि श्रम कानून के अनुसार स्थायी मजदूरों को 58 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले कारखाने से नही निकाला जा सकता। और तो और नये फैक्ट्री मालिक ने बिना लाइसेंस लिए और सिडकुल ऑफिस से बिना कब्जा लिए ही फैक्ट्री में संचालन शुरू कर दिया और ठेके के अनट्रेंड मजदूरों से भारी मशीनों पर काम लेना शुरु कर दिया । जिससे कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है. नया मालिक पूरी तरह से गैर कानूनी तरीके से  काम कर रहा है. उसे न तो कोई नैतिक डर है ना कोई कानूनी डर. ऐसा लगता है कि समाज आटोमोटिव प्रबंधक के पक्ष में उधम सिंह नगर जिला प्रशासन, उप श्रमायुक्त व प्रदेश सरकार ने सारे नियम कायदे कानूनों को ताक पर रख दिया है.

मजदूरों की यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश चिलवाल ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों में जब स्थाई मजदूरों का यह हाल है तो ठेके के मजदूरों का क्या हाल होगा? मजदूर पिछले 29 दिनों से कंपनी के गेट के आगे ड्यूटी का इंतजार करते हुए भूखे प्यासे खड़े रहते हैं लेकिन शासन-प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है।
मजदूरों का भारी शोषण और उत्पीड़न हो रहा है। अगर मजदूरों के साथ न्याय नहीं होता है तो मजदूर श्रम विभाग में ही भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगे। जुलूस प्रदर्शन के बाद श्रम आयुक्त कुमाऊं को दिए ज्ञापन में मांग की गई कि श्रम कानूनों का पालन कराया जाए और स्थाई मजदूरों की कार्य बहाली कराई जाए।

दूसरा ज्ञापन मुख्य कारखाना निरीक्षक कार्यालय को दिया गया। जिसमें गैर कानूनी ढंग से बिना लाइसेंस लिए ही कारखाना संचालित करने के लिए समाज ऑटोमोटिव प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई।
प्रदर्शन में ललित मटियाली,  जीवन राम ,जयप्रकाश, गौरी शंकर, केशव प्रसाद ,धर्मेंद्र पटेल, चरण सिंह, रंजन कुमार ,ललित सिंह रावत, जगदंबिका प्रसाद ,उदय पाल सिंह, ओमप्रकाश ,श्रवण कुमार ,पुरुषोत्तम, राजेश कुमार ,जसवंत कुमार ,यशपाल ,अजीत गंगवार ,लक्ष्मण सिंह, राकेश कुमार ,सत्यपाल सहित निकाले गए मजदूर उपस्थित थे।

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