निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी मार्टम हैंगिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी है।
हरिद्वार। निठारी कांड से चर्चा में आए सुरेंद्र कोली की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। डॉक्टरों के पैनल द्वारा तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि कोली की मौत “Anti Mortem Hanging with Asphyxia” के कारण हुई। शुरुआती चिकित्सीय निष्कर्षों के मुताबिक, सुरेंद्र कोली ने जीवित रहते फांसी लगाई थी, जिससे दम घुटने के कारण उसकी जीवन लीला समाप्त हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुरेंद्र कोली की गर्दन पर गहरा लिगेचर मार्क पाया गया है, जो फांसी के फंदे का सीधा संकेत है। डॉक्टरों को गले की अंदरूनी संरचना और हायॉइड बोन (Hyoid Bone) में भी फ्रैक्चर के साक्ष्य मिले हैं। इसके साथ ही आंखों और चेहरे पर छोटे रक्तस्राव यानी पेटीचिया के निशान भी दर्ज किए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फांसी लगाने के मामलों में नाक व मुंह से खून आना एक सामान्य लक्षण है।
जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास के 72 घंटे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दुकान के आसपास किसी बाहरी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की मौजूदगी नहीं देखी गई। घटना की रात लगभग 8 बजे सुरेंद्र कोली अपनी दुकान के बाहर अकेला टहलता हुआ दिखाई दिया। उस वक्त वह काफी परेशान और चिंतित नजर आ रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आत्महत्या के मूल कारणों की पड़ताल में लग गई है। पुलिस सुरेंद्र कोली के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का गहराई से अध्ययन कर रही है। नगर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शुरुआती जांच इसे आत्महत्या की ओर इशारा करती है। पुलिस अब कोली के अंतिम समय में संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ करके सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। देश की अदालतों की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए आप भारत के सर्वोच्च न्यायालय का आधिकारिक पोर्टल देख सकते हैं।