उत्तराखंड के हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के फोन हैकिंग और सुरक्षा के आरोपों पर सियासी भूचाल। सीएम धामी ने बंधाया ढांढस, जानें पूरा मामला
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया जब हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने फोन हैकिंग और परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक सक्रिय गिरोह द्वारा नेताओं के फोन टैप करने का दावा किया था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में आ गया।
अपनी ही पार्टी और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने तक की चेतावनी दे डाली थी। हालांकि, इस चेतावनी के करीब 24 घंटे बाद ही उन्होंने अपने बयान को वापस ले लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका वह कदम कुछ भावुक क्षणों का परिणाम था और इससे उनके शुभचिंतकों को हुई चिंता के लिए उन्हें खेद है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से सुमित हृदयेश को फोन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरी तरह से आश्वस्त किया कि उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और राज्य में उनकी सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस सांत्वना भरे फोन के बाद स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई और विधायक ने अपनी चेतावनी वापस ले ली।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मुश्किल घड़ी में सुमित हृदयेश का पूरा समर्थन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनके आवास पहुंचकर कुशलक्षेम जानी और इसे एक गंभीर मामला बताया। इसके अलावा सत्ता पक्ष के कई भाजपा नेताओं ने भी फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले के शांत होने से प्रशासन और राजनीतिक दलों ने राहत की सांस ली है।