Report by : CWN Desk
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रानीखेत में 1170 जांबाज अग्निवीर भारतीय सेना में शामिल, ली देश रक्षा की कसम

कुमाऊं व नागा रेजिमेंट सेंटर रानीखेत में 1170 अग्निवीर कड़े प्रशिक्षण के बाद भारतीय फौज का हिस्सा बने। सोमनाथ मैदान में आयोजित हुई भव्य पासिंग आउट परेड।

रानीखेत। कुमाऊं एवं नागा रेजिमेंट सेंटर (KRC) के ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में शनिवार को एक नया इतिहास रच गया। कठिन सैन्य प्रशिक्षण के अग्निपथ पर तपकर निकले 1170 जांबाज अग्निवीर नवसैनिक औपचारिक रूप से भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं। अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक ‘बहादुरगढ़ द्वार’ से कदमताल करते हुए इन सैनिकों ने जैसे ही अपना अंतिम पग भरा, पूरा मैदान देशप्रेमी नारों से गूंज उठा। इन जांबाज जवानों ने देश की आन, बान और शान के लिए जरूरत पड़ने पर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की कसम खाई।
इस गौरवशाली पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक थे। उन्होंने परेड की सलामी ली और युवा सैनिकों में नया जोश भरते हुए रेजिमेंट का नाम, नमक और निशान हमेशा ऊंचा रखने का आह्वान किया। उन्होंने जवानों को याद दिलाया कि देश को मेजर सोमनाथ शर्मा और मेजर शैतान सिंह के रूप में दो ‘परमवीर चक्र’ दिलाने वाली इस गौरवशाली रेजिमेंट का हिस्सा बनना बेहद सौभाग्य की बात है। भव्य सैन्य बैंड की धुन पर कदम बढ़ाते हुए जवानों का अनुशासन देखने लायक था।
चुनौतियों से भरे 31 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण के बाद इन सैनिकों को भारतीय फौज में शामिल किया गया है। परेड के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट्स को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। ऑल राउंड बेस्ट प्रदर्शन के लिए अग्निवीर पीयूष कार्की को पदक दिया गया, जबकि ड्रिल में पंकज कुमार, फायरिंग में अमन कुमार और लिखित परीक्षा में संजय सिंह नेगी ने बाजी मारी। इस भावुक पल के गवाह बने नवसैनिकों के परिजनों को भी इस मौके पर ‘गौरव पदक’ से सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर विजयंत महादिक ने कहा कि भारतीय सेना हमेशा उन परिवारों की ऋणी रहेगी, जिन्होंने अपने बेटों को देशसेवा के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन एक तपस्या की तरह है और ऐसी निष्ठा व समर्पण की मिसाल दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। इस भव्य पासिंग आउट परेड के संपन्न होने के बाद देश को सुरक्षा की एक नई और युवा दीवार मिल गई है। भारतीय सेना के इतिहास और शौर्य गाथाओं के बारे में अधिक जानने के लिए आप भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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