खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा। कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप, हरीश रावत की खानपुर से लड़ने की चर्चा।
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा ने भराड़ीसैंण में विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
हैरानी की बात यह है कि राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उमेश कुमार ने अपनी नाराजगी विपक्ष यानी कांग्रेस पर जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरिद्वार में किसानों की बर्बाद फसलों और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस विधायकों ने उनका साथ नहीं दिया। उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब जनता के हक की लड़ाई में समर्थन नहीं मिलता, तो विधायक रहने का कोई मतलब नहीं है।
अपने भावी राजनीतिक कदम पर बात करते हुए उमेश कुमार ने साफ कहा कि वे न तो भाजपा में शामिल होंगे और न ही कांग्रेस में जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर जनता से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने का सीधा आरोप लगाया। उल्लेखनीय है कि उमेश कुमार पत्रकारिता से राजनीति में आए थे और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन के बाद प्रदेश में चर्चित चेहरा बने थे।
दूसरी ओर, उमेश कुमार के इस्तीफे के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खानपुर से आगामी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। काठगोदाम में मीडिया से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार की जनता से उन्हें हमेशा प्यार मिला है, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा। इस नए सियासी घटनाक्रम ने 2027 की चुनावी लड़ाई को बेहद रोचक बना दिया है।