हल्द्वानी के तिकोनिया और काठगोदाम में महज आधे घंटे के भीतर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में महिला समेत दो लोगों की मौत। पुलिस जांच में जुटी
हल्द्वानी। हल्द्वानी और काठगोदाम कोतवाली क्षेत्रों में बुधवार को महज आधे घंटे के भीतर हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में एक महिला समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन दोनों दुर्घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। पुलिस ने दोनों मामलों में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहला हादसा हल्द्वानी के व्यस्त तिकोनिया चौराहे के पास हुआ। भवाली के रानीखेत रोड वार्ड नंबर-7 निवासी 47 वर्षीय ममता बिष्ट बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे हल्द्वानी दवा लेने आई थीं। जब वह तिकोनिया क्षेत्र में पैदल सड़क पार करके अस्पताल की ओर जा रही थीं, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद बाइक सवार कुछ युवा तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के पति आनंद बिष्ट भवाली आंचल दुग्ध केंद्र में संविदा कर्मी हैं।
दूसरी दुर्घटना इसके ठीक आधे घंटे के भीतर काठगोदाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र के पास हुई। दमुवाढूंगा निवासी 46 वर्षीय इरशाद अहमद सुबह करीब 10 बजे अपनी बाइक से गौलापार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर से इरशाद के सिर में गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक इरशाद की पत्नी एएनएम के पद पर गौलापार में तैनात हैं।
एसपी सिटी हरबंस सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों ही सड़क हादसों के मामलों में पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। तिकोनिया हादसे में टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि काठगोदाम हादसे में आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने शहर में यातायात नियमों और वाहन चालकों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग को फिर से खड़ा कर दिया है।