Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी के बाद अब देहरादून में बाजारों पर अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा, व्यापारियों ने दुकानें बंद कर किया विरोध

टीमों ने अलग-अलग जगह किए 96 चालान, कइयों को चेतावनी देकर छोड़ा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस व जिला प्रशासन ने फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, कई जगह मंत्रियों व विधायकों के फोन आने के चलते टीम को अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देकर छोड़ना पड़ा।
अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा फुटपाथ पर फड़, स्टाल या रेहड़ी-ठेली नजर आई तो सामान जब्त कर लिया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की टीमों को कई जगह विरोध का भी सामना करना पड़ा। विरोध में दुकानदारों ने दुकानें ही बंद कर दीं।
शनिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई घंटाघर से शुरू हुई। पुलिस, जिला प्रशासन व आरटीओ कार्यालय की टीमों ने फुटपाथ खाली करवाना शुरू किया। इस दौरान सड़क किनारे जो वाहन खड़े थे, उनके भी चालान किए गए। राजपुर रोड पर वाहनों के चालान के दौरान यहां दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया।
विरोध में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आधे शटर नीचे करते हुए डीएम आवास कूच किया। यहां सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष उन्होंने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के वाहनों के चालान किए गए तो उनकी दुकानदारी ठप हो जाएगी।
इसके बाद कई दुकानदारों ने कुछ मंत्रियों व विधायकों को तक भी फोन कर दिए। बताया जा रहा है कि इनके फोन आने के बाद टीमों ने अतिक्रमण नहीं हटाया और सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि पांच टीमों ने घंटाघर से पैसिफिक माल व राजपुर रोड, घंटाघर से एफआरआइ, आराघर से धर्मपुर चौक, रिस्पना, जोगीवाला तक सड़क किनारे फुटपाथ पर सजी रेहड़ी, ठेली, फड़ को हटाया। फुटपाथ पर कब्जे होने के कारण लोग सड़क पर चलते हैं। जिस कारण यातायात जाम होता है। इस कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं भी होती हैं। इसीलिए शहर में तमाम सड़कों से फुटपाथ खाली करवाए जा रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने 42 चालान करते हुए 32,800 रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, पुलिस टीम ने 40 चालान करते हुए 20 हजार रुपये चालान और आरटीओ ने 14 चालान करते हुए सात हजार रुपये जुर्माना वसूला। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाएं। खाली करवाई गईं जगहों पर भी फिर से कब्जे न हों।

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