Report by : Paras Bisht
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नितिन नवीन का कांग्रेस पर हमला: देवभूमि अपमान और दलित विरोधी सोच का आरोप

हल्द्वानी में बीजेपी कार्यसमिति बैठक के दौरान नितिन नवीन ने कांग्रेस, खरगे और नेहरू-अंबेडकर विवाद पर तीखा हमला बोला और दलित विरोधी बताया।

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी देवभूमि उत्तराखंड में षड्यंत्रकारी और विभाजनकारी राजनीति करने का प्रयास कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसके कण-कण में भगवान शंकर का वास है। जिस पवित्र भूमि पर धर्म विशेष के नारे लगवाकर अपमान करने की कोशिश की गई, वहाँ की जनता ऐसे षड्यंत्रकारियों को कभी माफ नहीं करेगी।
नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड दौरे और बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का मकसद केवल सत्ता पाना रहा है, जबकि भाजपा एक स्पष्ट विचारधारा की कसौटी पर खरी उतरकर राष्ट्र निर्माण में जुटी है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास को दलित विरोधी करार देते हुए कहा कि जिस पार्टी का अतीत दलित समाज के अपमान से भरा रहा हो, वह कभी भी दलितों का सम्मान नहीं कर सकती।
संबोधन के दौरान नितिन नवीन ने देश के पहले कानून मंत्री और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने माउंटबेटन को पत्र लिखकर डॉ. अंबेडकर को चुनाव हराने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जिस दलित परिवार के बेटे ने पूरे देश को लोकतांत्रिक दिशा दी, कांग्रेस ने उसी परिवार को अपमानित करने का काम किया।
इसके अलावा, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश के विभिन्न राज्यों की घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने राजस्थान में पार्टी के अपने ही दलित नेता के साथ मारपीट, कर्नाटक में पूर्व दलित विधायक के घर को PFI से जुड़े उपद्रवियों द्वारा जलाए जाने और केरल में दलित विरोधी मामलों में राहुल गांधी की खामोशी का जिक्र किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में वाल्मीकि समाज के पढ़े-लिखे युवाओं को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दलितों को सही मायने में सम्मान और अधिकार मिला है।

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