मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में शिरकत की। जानिए सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और 100 माइल्स अल्ट्रा रन की घोषणा
पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ जीतने वाले विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस आयोजन में भारतीय सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस और संकल्प की परीक्षा है। इस आयोजन से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिली है और पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए सीमांत गांवों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। इससे होमस्टे संचालकों, गाइडों, परिवहन व्यवसायियों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास का सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना और सीमांत क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया जाएगा। यह दौड़ माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी ऐसे वृहद् आयोजन जारी रहेंगे।