विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान 2026 यात्रा सत्र के बाद शीतकाल के लिए बंद हो गया है। इस बार रिकॉर्ड 35,261 पर्यटकों से 66.96 लाख रुपये का राजस्व मिला।
चमोली। विश्व प्रसिद्ध प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार शीतकाल के लिए आधिकारिक रूप से बंद कर दिए गए हैं। पार्क प्रशासन की विशेष टीम ने घाटी का अंतिम भ्रमण करने के बाद घांघरिया स्थित मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर इस वर्ष की सफल यात्रा का समापन किया।
इस वर्ष यात्रा सत्र के दौरान फूलों की घाटी में पर्यटकों की अब तक की रिकॉर्ड तोड़ आमद दर्ज की गई है। 1 जून से प्रवेश द्वार बंद होने तक कुल 35,261 पर्यटकों ने घाटी की प्राकृतिक सुंदरता का दीदार किया। इस शानदार पर्यटक संख्या से पार्क प्रशासन को रिकॉर्ड 66,96,400 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
पार्क अधिकारियों के अनुसार, इस सीजन में विदेशी पर्यटकों ने भी भारी उत्साह दिखाया और उनकी संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रतिवर्ष यह प्रसिद्ध घाटी 1 जून को पर्यटकों के लिए खोली जाती है तथा 31 अक्टूबर को शीतकालीन अवधि के लिए बंद कर दी जाती है।
प्रवेश द्वार बंद होने के बाद भी शीतकाल के दौरान पार्क कर्मियों की सतर्कता बनी रहेगी। पार्क प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए घाटी में लंबी दूरी की गश्त नियमित रूप से जारी रखी जाएगी।