Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी पेयजल संकट: नलकूप ठप होने से राजपुरा में हाहाकार, 4000 लोग पानी के लिए परेशान

सर्दियों की शुरुआत में ही हल्द्वानी की पेयजल व्यवस्था चरमराई। राजपुरा कैंट एरिया का नलकूप ठप होने से राजपुरा और राजेंद्र नगर की 4000 आबादी को टैंकरों से पानी ढोना पड़ रहा है।

हल्द्वानी। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हल्द्वानी शहर में नलकूपों पर आधारित पेयजल व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। राजपुरा कैंट एरिया का नलकूप ठप होने से शनिवार और रविवार को भी हजारों लोगों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राजपुरा और राजेंद्र नगर के पड़ाव, चुंगी और कुष्ठ आश्रम तक फैली करीब चार हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। लोग अपने दैनिक कार्य छोड़कर घंटों पानी के टैंकरों के पीछे लाइन लगाने को मजबूर हैं। लोगों ने जल संस्थान से आबादी के हिसाब से पर्याप्त टैंकर भेजने की मांग की है।
पुराना नलकूप बना परेशानी की जड़
राजपुरा कैंट क्षेत्र का यह महत्वपूर्ण नलकूप बीते शुक्रवार से खराब पड़ा हुआ है। स्थानीय निवासियों, जैसे विजय कुमार, पुष्पा और विकास चौहान ने बताया कि तीन दिन से उनके घरों में पानी नहीं आ रहा है। यह समस्या अभी कुछ दिन पहले भी हुई थी, और अब दोबारा शुरू हो गई है। जल संस्थान के सहायक अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि नलकूप की मोटर पिछले साल सितंबर में भी खराब हुई थी, जिसे बदला गया था। बार-बार मोटर खराब होने से स्पष्ट है कि यह नलकूप अब पुरानी तकनीक का शिकार हो रहा है, जिससे नागरिकों को स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है।
टैंकरों का सहारा, फिर भी पर्याप्त नहीं आपूर्ति
जल संस्थान की ओर से लोगों तक पर्याप्त पानी पहुँचाने के लिए दो टैंकरों की व्यवस्था की गई है। हालांकि, चार हजार की बड़ी आबादी के लिए दो टैंकर नाकाफी साबित हो रहे हैं। निवासियों को टैंकर से पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ध्रुव कश्यप जैसे नागरिकों ने विभाग से जल्द से जल्द नलकूप की स्थायी मरम्मत या नई मोटर लगाने की मांग की है, ताकि यह पेयजल संकट समाप्त हो सके और लोगों की सामान्य दिनचर्या पटरी पर लौट सके।
स्थायी समाधान की तलाश में विभाग
हल्द्वानी में बार-बार नलकूपों के ठप होने से यह बात साफ है कि जल संस्थान को अब अस्थायी व्यवस्थाओं की जगह स्थायी समाधान पर ध्यान केंद्रित करना होगा। पुरानी हो चुकी मोटरों और नलकूपों की नियमित जांच और प्रतिस्थापन अत्यंत आवश्यक है। इस गंभीर पानी की समस्या को देखते हुए, प्रशासन को न केवल आपात स्थिति में टैंकरों की संख्या बढ़ानी चाहिए, बल्कि राजपुरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक जल आपूर्ति स्रोतों की योजना भी बनानी चाहिए। नागरिकों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही इस समस्या का निवारण करेगा।

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