Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी: कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के फोन हैकिंग और सुरक्षा मामले में नया मोड़, एसएसपी के खुलासे के बाद विधायक ने उठाये सवाल

विधायक सुमित हृदयेश के फोन हैकिंग व सुरक्षा आरोपों पर एसएसपी नैनीताल ने पिछले साल की जांच का खुलासा किया है। वहीं, विधायक ने सभी जनप्रतिनिधियों के फोन की जांच कराने की मांग की है।
हल्द्वानी। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के फोन हैकिंग और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा फोन कर सुरक्षा का भरोसा दिए जाने के बाद इस मामले से जुड़े पुराने पुलिस खुलासे सामने आए हैं, जिससे राजनीतिक पारा गर्मा गया है।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को खुलासा किया कि विधायक ने पिछले साल अक्तूबर में दी गई तहरीर में हल्द्वानी और नोएडा के दो लोगों के नाम दर्ज कराए थे। प्रारंभिक जांच में हल्द्वानी निवासी व्यक्ति विधायक परिवार का करीबी निकला। हालांकि, शुरुआती पुलिस जांच में फोन टैपिंग या लोकेशन ट्रैकिंग के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। एसएसपी का कहना है कि यदि विधायक की तरफ से दोबारा कोई नई शिकायत दी जाती है, तो उस पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सुमित हृदयेश के गंभीर सवाल और पुलिस जांच पर असंतोष
एसएसपी के खुलासे के बाद विधायक सुमित हृदयेश ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पुलिस जिन नामों का जिक्र कर रही है, वे उन्होंने खुद ही अपनी तहरीर में उपलब्ध कराए थे। विधायक ने सवाल उठाया कि जब संदिग्धों के नाम पहले से ही पुलिस के पास थे, तो समय रहते उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस संवेदनशील मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही है।
'सभी विधायकों के फोन की उच्चस्तरीय जांच हो'
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुमित हृदयेश ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शीर्ष स्तर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को बुलाकर प्रदेश के सभी विधायकों के मोबाइल फोन की जांच कराई जाए। उनका मानना है कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत फोन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी जनप्रतिनिधियों की डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा गंभीर विषय है।
नोएडा की फॉरेंसिक कंपनी और हांगकांग कनेक्शन तक पहुंची थी सुआत
पुलिस सूत्रों और एसएसपी के अनुसार, विधायक ने अपनी शिकायत में बताया था कि हल्द्वानी के एक व्यक्ति ने उनकी मुलाकात दिल्ली में नोएडा के एक युवक से कराई थी, जो साइबर फॉरेंसिक से जुड़ी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़ा बताया गया था। विधायक ने अपना आईफोन-12 जांच के लिए उसे सौंपा था, लेकिन कुछ दिन बाद फोन वापस मिलने पर उन्हें अपनी लोकेशन ट्रैक होने का शक हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2023 के अंत में विधायक सुमित हृदयेश का आधिकारिक फेसबुक पेज भी हैक हुआ था, जिसे तीन दिन की मशक्कत के बाद वापस लिया गया था और वह 'हांगकांग' से हैक होने का दावा किया गया था। हालांकि, आईफोन-12 की विभिन्न प्रयोगशालाओं में तकनीकी जांच के बाद भी फोन हैकिंग के पुख्ता प्रमाण की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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