Report by : CWN Desk
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अयोध्या विवाद के बीच हरिद्वार मनसा देवी मंदिर में पुजारियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र लागू

अयोध्या और बद्रीनाथ धाम में दान के विवाद के बाद हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में बड़ा फैसला। पुजारियों को बांटे गए बिना जेब वाले कपड़े, सीसीटीवी से निगरानी।

हरिद्वार। अयोध्या के राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में दान राशि की कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर प्रशासन ने एक बेहद अनोखा और बड़ा कदम उठाया है। मंदिर ट्रस्ट ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी पुजारियों और कर्मचारियों को बिना जेब वाले विशेष वस्त्र वितरित किए हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी ने इस नए नियम की पुष्टि की है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस कदम से श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा।
महंत रवींद्रपुरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के कुछ प्रमुख मंदिरों में दान राशि चोरी होने के आरोपों के बाद यह निर्णय लिया गया। उनका मानना है कि जब वस्त्रों में जेब ही नहीं होगी, तो दान की राशि को छिपाकर रखने की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोगों की गलत हरकतों के कारण पूरे मंदिर प्रबंधन और सनातन परंपरा पर सवाल उठते हैं। इसलिए सनातन धर्म की पवित्रता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है।
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता को और पुख्ता करने के लिए पूरे परिसर में 65 सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए हैं। इन कैमरों के जरिए मंदिर के हर कोने पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही अब मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को उसके द्वारा दिए गए दान की पक्की रसीद अनिवार्य रूप से दी जाएगी। महंत रवींद्रपुरी ने इस फैसले में पूरा सहयोग करने के लिए मंदिर के सभी पुजारियों और स्टाफ की सराहना की है।
मनसा देवी मंदिर दर्शन करने आए तीर्थयात्रियों ने भी मंदिर ट्रस्ट के इस अभूतपूर्व फैसले का दिल से स्वागत किया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे प्रशासनिक सुधारों से धार्मिक स्थलों के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक गहरा होगा। यह कदम देश के अन्य बड़े मंदिरों के लिए भी पारदर्शिता का एक बेहतरीन उदाहरण बन सकता है। अब देखना होगा कि क्या देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी वित्तीय शुचिता बनाए रखने के लिए इस तरह के कड़े नियम अपनाते हैं।

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