चम्पावत से आ रहे हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर की हल्द्वानी में नदी के खुले क्षेत्र में लैंडिंग। जानिए क्या थी इसकी असली वजह और पूरी सच्चाई।
हल्द्वानी। गौलापार क्षेत्र में शनिवार सुबह एक हेलीकॉप्टर के नदी के खुले क्षेत्र में उतरने का मामला चर्चा का विषय बन गया। चम्पावत से चार यात्रियों को लेकर आ रहे हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर की इस लैंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, एविएशन प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि यह कोई इमरजेंसी लैंडिंग या तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया एक कदम था।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर अपने तय शेड्यूल के अनुसार गौलापार स्थित बेस लौट रहा था। गौलापार के ऊपर एयरस्पेस क्लीयर न मिलने के कारण पायलट ने एहतियातन हेलीकॉप्टर को नीचे उतारने का निर्णय लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पायलट ने समझदारी दिखाते हुए खेतों के बजाय नदी के समतल और खुले रोखड़ क्षेत्र का चयन किया, जहां सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
नदी के खुले पाट पर लगभग 10 मिनट तक रुकने के बाद जैसे ही हवाई मार्ग का क्लीयरेंस मिला, पायलट ने तुरंत उड़ान भरी। इसके बाद हेलीकॉप्टर को गौलापार स्थित निर्धारित स्टेडियम हेलीपैड पर सुरक्षित लैंड कराया गया। बेस इंचार्ज गौरव ने स्पष्ट किया कि हवा में बेवजह चक्कर काटने से ईंधन की खपत बढ़ती है और इंजन पर दबाव पड़ता है, इसलिए यह एहतियाती फैसला लिया गया था।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपात स्थिति या एयरस्पेस के नियमों के तहत पायलट की सूझबूझ कितनी जरूरी होती है। हेरिटेज एविएशन के इस विमान की सुरक्षित लैंडिंग से सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली है। इस घटना से जुड़ी अन्य अपडेट्स के लिए स्थानीय प्रशासन और विमानन विभाग की नजरें लगातार स्थिति पर बनी हुई हैं।