Report by : CWN Desk
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होली 2026 शुभ मुहूर्त: इस साल एक ही दिन मनेगी होली, जानें होलिका दहन का समय

होली और दीपावली की तिथियों को लेकर संशय खत्म। 2026 में होली एक ही दिन मनाई जाएगी। जानें होलाष्टक, चीर बंधन और चंद्रग्रहण के सूतक काल का सही समय और मुहूर्त।

हल्द्वानी: पिछले दो-तीन वर्षों से होली और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों की तिथियों को लेकर बना संशय इस साल समाप्त हो गया है। वर्ष 2026 में होली का पावन पर्व देशभर में एक ही दिन मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार तिथियों का गणित स्पष्ट है, जिससे त्योहार की एकरूपता बनी रहेगी।
पर्व की शुरुआत होलाष्टक के साथ होगी, जो 24 फरवरी से प्रारंभ हो रहे हैं। होलाष्टक की अवधि में सभी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। इसके बाद, 27 फरवरी को आंवला एकादशी के दिन ‘चीर बंधन’ किया जाएगा और इसी दिन से रंग डालने की परंपरा शुरू होगी। चीर बंधन और ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त सुबह 11:32 बजे से पहले का है।
इस साल होलिका दहन 2 मार्च को संपन्न होगा। दहन का शुभ समय प्रदोष काल में शाम 6:09 बजे से रात 8:39 बजे के बीच रहेगा। विशेष बात यह है कि 3 मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण लगने के कारण होलिका दहन एक दिन पूर्व यानी 2 मार्च को ही किया जा रहा है। रंगों वाली मुख्य होली 4 मार्च को हर्षोल्लास के साथ खेली जाएगी।
चंद्रग्रहण और सूतक काल का प्रभाव
3 मार्च 2026 को स्नान-दान वाली पूर्णिमा के दिन खग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे स्पर्श करेगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा, जिसके कारण इस अवधि में सभी धार्मिक और शुभ कार्य पूरी तरह वर्जित रहेंगे। यह ग्रहण भारत के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा।
विद्वानों के अनुसार, 27 फरवरी को रात 10:33 बजे तक भद्रा का साया रहेगा, इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए सुबह का मुहूर्त ही सर्वश्रेष्ठ है। 2 मार्च को पूर्णिमा का उपवास रखा जाएगा। त्योहारों की तिथियों में इस स्पष्टता से आम जनता और धर्मावलंबियों में उत्साह है, क्योंकि अब बिना किसी असमंजस के उत्सव की तैयारियां की जा सकेंगी।

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