Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी की गफूर बस्ती में अवैध बालगृह सील, 11 बच्चे रेस्क्यू

हल्द्वानी की गफूर बस्ती में ‘सुचेतना’ एनजीओ पर बाल आयोग का छापा। बिना पंजीकरण चल रहा अवैध बालगृह सील, 11 बच्चों को सकुशल परिजनों को सौंपा।

हल्द्वानी। हल्द्वानी की गफूर बस्ती में बुधवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। आयोग ने ‘सुचेतना’ नाम के एक गैर-सरकारी संस्थान (NGO) में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां बिना किसी कानूनी मान्यता के अवैध रूप से बालगृह चलता हुआ पाया गया। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संस्थान को तुरंत सील कर दिया।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार के नेतृत्व में पहुंची टीम को मौके पर 11 बच्चे मिले। इनमें पांच बालिकाएं और छह बालक शामिल हैं। संस्थान में मौजूद कर्मचारी मीना सिंह ने पूछताछ में बताया कि इसका संचालन फादर पाईस करते हैं। इसके संचालन के लिए मिशनरी से आर्थिक सहायता मिलती है। हालांकि, जब टीम ने वैध दस्तावेज मांगे, तो कर्मचारी कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके।
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। योगेश रजवार ने बताया कि यह संस्थान ‘किशोर न्याय अधिनियम’ (Juvenile Justice Act) के तहत पंजीकृत नहीं था। बच्चों के रहने और बैठने की जगह भी काफी असुरक्षित पाई गई। जांच में यह भी पता चला कि यहां मौजूद सभी बच्चे पहले से ही विभिन्न स्थानीय स्कूलों में नामांकित हैं। इसके बाद टीम ने सभी 11 बच्चों को सुरक्षित उनके गफूर बस्ती स्थित घरों में भेज दिया।
आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन को दो दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को संस्थान और उसके प्रभारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। पुलिस अब मामले के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

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