Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में बारिश का तांडव: भूस्खलन और हादसों में 11 की मौत, 3 लापता

उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही। अल्मोड़ा में भूस्खलन से परिवार के 3 सदस्यों समेत 5 की मौत, भीमताल में मासूम नाले में बही। जानें पूरी रिपोर्ट।

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर टूटी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भूस्खलन, मकान ढहने और उफनते नदी-नालों में बहने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं, एक महिला समेत तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन की रेस्क्यू टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत अभियान चला रही हैं।
तबाही की सबसे बड़ी घटना अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील स्थित वडयूड़ा गांव में सामने आई। सोमवार देर रात करीब ढाई बजे पहाड़ी से आए मलबे ने एक मकान को मलबे में तब्दील कर दिया। हादसे के वक्त कमरे में सो रही प्रेमा देवी (42), उनकी 19 वर्षीय बेटी कल्पना आर्या और 18 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार की मलबे में दबने से मौत हो गई। दूसरे कमरे में सो रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग गुलाब राम खुशकिस्मती से सुरक्षित बच गए। इसके अलावा अल्मोड़ा के धार की तूनी में पुरानी दीवार गिरने से नेपाल निवासी मजदूर दिलीप बहादुर (35) और चक्र बहादुर (36) की दबकर जान चली गई।
नैनीताल जिले में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। भीमताल बाईपास क्षेत्र में मंगलवार सुबह अपने घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बच्ची पल्लवी तेज बहाव वाले बरसाती नाले में बह गई। पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने घंटों तक खोजबीन अभियान चलाकर बच्ची का शव करीब 700 मीटर दूर भीमताल झील से बरामद किया। उधर हल्द्वानी में देर शाम उफनती गौला नदी में एक बुजुर्ग व्यक्ति बह गए, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों के लिए चेतावनी जारी रखी है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।