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देहरादून SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का बड़ा खुलासा! कान में छिपाकर लाए माइक्रो ब्लूटूथ, अभ्यर्थी गिरफ्तार

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देहरादून में SSC CHSL टियर-1 परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। एक अभ्यर्थी कान में माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। परीक्षा केंद्र का स्टाफ भी शामिल, पुलिस ने FIR दर्ज की।

देहरादून। केंद्र के कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कम्बाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) टियर-1 परीक्षा में हाईटेक नकल के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मंगलवार सुबह देहरादून के एमकेपी इंटर कॉलेज परिसर स्थित महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर पुलिस ने एक अभ्यर्थी को कान में छिपाकर लाई गई अत्याधुनिक माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे हुआ नकल का पर्दाफाश
गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान रोहतक (हरियाणा) निवासी दीपक पुत्र विजेंद्र के रूप में हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक सिटी कुश मिश्रा ने बताया कि दीपक परीक्षा शुरू होने से पहले सामान्य चेकिंग पास कर चुका था। लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद जब वह वॉशरूम के बहाने बाहर गया और लौटते समय दोबारा उसकी तलाशी ली गई, तो उसके दाहिने कान से यह डिवाइस बरामद हुई। पूछताछ में दीपक ने बताया कि यह डिवाइस उसे परीक्षा केंद्र के अंदर ही कार्यरत सपोर्टिंग स्टाफ के कर्मचारी लकी सिंह ने उपलब्ध कराई थी। बाहर बैठा उसका साथी जैस प्रश्न पत्र देखकर ब्लूटूथ के जरिए उसे उत्तर बताने वाला था।
परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल
इस खुलासे ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर ही स्टाफ की मिलीभगत से नकल कराना एक संगठित गिरोह की ओर इशारा करता है। जानकारों के अनुसार, यह मामला किसी अकेले अभ्यर्थी का नहीं, बल्कि एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जिसमें परीक्षा केंद्र के कुछ अन्य कर्मी भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब लकी सिंह और बाहर बैठे साथी जैश की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर चुकी है।
नया कानून लागू, कड़ी कार्रवाई
एएसपी सिटी कुश मिश्रा ने बताया कि आरोपी दीपक के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह नया और सख्त कानून परीक्षा में नकल और धांधली रोकने के लिए लाया गया है। इस अधिनियम के तहत आरोपी को कड़ी सज़ा हो सकती है। सरकार और पुलिस दोनों ही परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस गिरफ्तारी से हाईटेक नकल करने वाले अन्य गिरोहों को भी सख्त संदेश मिलेगा।

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