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नई दिल्ली

जागेश्वर धाम की सुरक्षा ऑडिट में खुली पोल: CCTV और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक!

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दिल्ली धमाके के बाद अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम पहुंचीं। ऑडिट में कई खामियां सामने आईं। एसएसपी ने सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने के दिए सख्त निर्देश।

अल्मोड़ा। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार धमाके के बाद देश भर की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी क्रम में, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट किया गया। गुरुवार को एसएसपी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एलआईयू (LIU) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी जागेश्वर धाम पहुँचे। अधिकारियों की इस टीम ने मंदिर परिसर की गहन समीक्षा की, जिसके दौरान सुरक्षा में कई बड़ी खामियाँ सामने आईं।
जागेश्वर धाम एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जहाँ पूरे साल श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। सुरक्षा एजेंसियों ने पाया कि मंदिर में मास्टर प्लान के तहत केवल मंदिर के मुख्य परिसर और प्रवेश द्वार पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर के बाहर का महत्वपूर्ण क्षेत्र, जिसमें बाजार और रामलीला मंच शामिल है, वह कैमरे की कवरेज से बाहर है। यह सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चूक है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं।
एसएसपी देवेंद्र पींचा ने तत्काल मंदिर प्रबंधन और प्रशासन को इन खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर एंगल में कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि परिसर के चप्पे-चप्पे पर नज़र रखी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट के मद्देनजर, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धार्मिक स्थल सुरक्षा को मजबूत करना हमारी पहली प्राथमिकता है।
सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में गश्त बढ़ाने और आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया है। इस सुरक्षा ऑडिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति या खतरे से पहले ही निपटा जा सके। उत्तराखंड पुलिस अब जिले के अन्य बड़े धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी।

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