Connect with us

नई दिल्ली

बूढ़े बरगद की छाया

Published

on

खबर शेयर करें 👉

दिल में सूनापन रहता है
तन खण्डहर सा लगता है,

देख के सन्नाटा जीवन का
अक्सर डर सा लगता है,

यह भी पढ़ें 👉  दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई आज

भले बना लो कोठी-बंगले
लेकिन ये सच्चाई है,

बूढ़े बरगद की छाया हो
तो घर,घर सा लगता है।

देवेश द्विवेदी ‘देवेश’

Select Language

Advertisement