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देहरादून

विदेश भेजने के नाम पर उत्तराखंड के 19 युवाओं से 48 लाख की ठगी! फर्जी वीजा-जॉब लेटर से झांसा, SSP ने दिए FIR के आदेश

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देहरादून में विदेश में नौकरी और पढ़ाई के नाम पर 19 युवाओं से 48 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी वीजा और जॉब लेटर से ठगा गया। SSP ने आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया।

देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को विदेश में सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर ठगने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। देहरादून में अलग-अलग क्षेत्रों के 19 युवाओं से 48 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एसएसपी देहरादून ने इन शिकायतों की जांच के बाद मंगलवार को तत्काल आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
फर्जी दस्तावेजों से झांसा देकर लूटा
एसएसपी ने बताया कि पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जालसाज फर्जीवाड़ा करने के लिए फर्जी जॉब ऑफर लेटर, फर्जी वीजा, वर्क परमिट और नकली टिकट का इस्तेमाल करते थे। क्लेमनटाउन के नितिन पोखरियाल से अरुण प्लेसमेंट सर्विस ने इटली में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.04 लाख रुपये ठग लिए। वहीं, टिहरी के जितेंद्र और विक्रम सिंह रौतेला को आशीष रतूड़ी ने पोलैंड भेजने के नाम पर 3.80-3.80 लाख रुपये का चूना लगाया। दून की ऋचा वर्मा से जर्मनी की गोल्डन गेट यूनिवर्सिटी में दाखिले के नाम पर 5.15 लाख रुपये की ठगी हुई।
विभिन्न क्षेत्रों में फैला है ठगी का जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह धोखाधड़ी कई एजेंटों और फर्जी कंपनियों द्वारा की गई है। धर्मपुर निवासी नलिन मुलानी से विक्रम गुंसाई ने डीआईएचएम (DIHM) के छात्रों को विदेश में नौकरी के नाम पर अकेले 19.19 लाख रुपये की ठगी की। नैनीताल और उत्तरकाशी के युवाओं को अर्शिका खान और आशीष रतूड़ी ने सऊदी अरब भेजकर शोषण किया। इसके अलावा, रणधीर सिंह नेगी सहित छह युवाओं से जय किशन नौटियाल ने न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 1.60 लाख रुपये से अधिक ठगे। चित्रा प्रसाद और गुडविन सिंह ने भी चार अन्य युवाओं से करीब 9.61 लाख रुपये की बड़ी ठगी की।
एसएसपी का सख्त निर्देश
युवाओं से हुई इस बड़ी धोखाधड़ी पर एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सभी आरोपियों के खिलाफ जल्द केस दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उत्तराखंड के उन युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी गाढ़ी कमाई इन जालसाजों के हाथों गंवा देते हैं। युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे विदेश जाने से पहले एजेंटों की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें।

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