देहरादून
CM धामी का ISBT पर औचक निरीक्षण! गंदगी देख भड़के, खुद उठाई झाड़ू; बोले- ‘सफाई कागजों पर नहीं, ज़मीन पर दिखे’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून ISBT का औचक निरीक्षण किया। परिसर में गंदगी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने खुद झाड़ू लगाई और अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार दोपहर बाद सचिवालय से सीधे देहरादून स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। परिसर में कुछ जगहों पर कूड़ा पसरा देखकर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की और अफसरों, कर्मचारियों तथा दुकानदारों को सफाई व्यवस्था हर हाल में दुरुस्त रखने का सख्त संदेश दिया।
स्वच्छता केवल कागज़ों पर नहीं
मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे सीएम धामी आईएसबीटी पहुंचे। जैसे ही उनकी नज़र परिसर में फैली गंदगी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत एमडीडीए (MDDA) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और अन्य अधिकारियों को विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया कि कहीं भी गंदगी नज़र नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुद झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ‘स्वच्छता अभियान केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।’
यात्रियों और श्रद्धालुओं को उच्चस्तरीय सुविधा प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने बस संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय की सुविधा, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्था का भी विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन राज्य है, और यहाँ आने वाले यात्रियों व श्रद्धालुओं को उच्चस्तरीय स्वच्छता और सुविधा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने एमडीडीए के अधिकारियों से आईएसबीटी परिसर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का अपडेट भी लिया।
वरिष्ठ नागरिकों से मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान परिसर में तैयार किए जा रहे पार्क में बैठे वरिष्ठ नागरिकों से भी बातचीत की और परिसर की सुविधाओं के बारे में सुझाव मांगे। एक नागरिक के सुझाव पर उन्होंने अधिकारियों को परिसर में लोगों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री का यह औचक निरीक्षण यह दर्शाता है कि वह जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों, खासकर स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर गंभीर हैं और जमीनी स्तर पर व्यवस्था में सुधार चाहते हैं।
