हल्द्वानी। नैनीताल दुग्ध उत्पादन प्रबंध समिति के अध्यक्ष मुकेश बोरा, जो कि पॉक्सो मामले में जेल में बंद हैं, ने पैर में दर्द का बहाना बनाकर बुधवार को होने वाली दुग्ध संघ की बोर्ड बैठक को निरस्त करवा दिया।
कोर्ट ने मुकेश बोरा को जेल में ही बैठक करने की अनुमति दी थी। लेकिन, बैठक से एक दिन पहले मुकेश बोरा ने पैर में दर्द की शिकायत की, जिसके चलते उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बुधवार सुबह उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वापस जेल भेज दिया गया। लेकिन, उन्होंने अपना मेडिकल प्रमाणपत्र और बैठक न करने का आवेदन कोर्ट में पेश कर दिया, जिसके चलते बैठक को निरस्त करना पड़ा।
मुकेश बोरा पर एक महिला के साथ दुष्कर्म और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है। इस मामले में वह जेल में बंद है। कोर्ट ने उन्हें दुग्ध संघ की बोर्ड बैठक के लिए जेल में ही अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने पैर दर्द का बहाना बनाकर बैठक को निरस्त करवा दिया।
