काशीपुर। वन विभाग की बंजर जमीन पर चल रहे निरीक्षण के दौरान खनन माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। अवैध खनन बंद होने की आशंका के चलते 30-35 माफिया हाथों में तलवार और डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और टीम के साथ मारपीट की। इस दौरान महिला कर्मियों के साथ भी अभद्रता और गाली-गलौज की गई। वनकर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
अवैध खनन रोकने के लिए हो रहा था निरीक्षण
ग्राम जुड़का के गांधीनगर खत्ता में वन विभाग की 37 हेक्टेयर बंजर भूमि पर अवैध खनन किया जा रहा था, जिससे वहां जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए थे। वन विभाग ने इस भूमि को समतल कर प्लांटेशन कराने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार शाम को जमीन को जेसीबी से समतल किया जा रहा था। इसी दौरान तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ मनीष जोशी अपनी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे।
तलवार-डंडे लेकर पहुंच गए खनन माफिया
जेसीबी चलती देख खनन माफिया ने अवैध खनन बंद होने की आशंका जताते हुए मौके पर पहुंचना शुरू कर दिया। करीब 30-35 लोग मुंह पर कपड़ा लपेटकर वहां पहुंचे और हाथों में तलवार और डंडे लेकर टीम पर हमला बोल दिया। पहले तो उन्होंने विरोध कर धक्का-मुक्की की, लेकिन जब वनकर्मी नहीं हटे तो माफिया ने जेसीबी पर पथराव कर दिया और तलवारें दिखाकर टीम को दौड़ाया।
जेसीबी चालक और बीट वॉचर घायल
इस हमले में जेसीबी चालक अरुण सैनी पर तलवार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके अलावा पथराव में बीट वॉचर रसपाल सिंह भी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख वनकर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
महिला कर्मियों के साथ अभद्रता
एसडीओ मनीष जोशी ने बताया कि माफिया ने महिला कर्मियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी अवगत कराया गया है। इस हमले से वन विभाग के कर्मियों में भारी रोष है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
