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रुद्रप्रयाग: कांडा गांव में गुलदार को शूट करने की मांग पर ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को कमरे में बंद किया, प्रदर्शन

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रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लॉक के कांडा गांव में गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को गुलदार को शूट करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। गुलदार के हमले में एक महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। इस घटना के तीन दिन बाद भी गुलदार पकड़ा नहीं गया है, जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

सोमवार को रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की डीएफओ कल्याणी गांव पहुंचीं, तो ग्रामीण महिलाओं ने दोपहर 12 बजे उन्हें वन पंचायत के भवन में बंद कर दिया। उनके साथ एसडीओ दिवाकर पंत, रेंजर हरीश थपलियाल समेत कई वन कर्मी भी वहां फंसे रहे। भवन के बाहर महिलाओं ने वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और गुलदार को तुरंत शूट करने की मांग पर अड़ गईं।

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प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है, जबकि गुलदार की दहशत से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर गुलदार को जल्द से जल्द नहीं मारा गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

करीब एक घंटे के हंगामे के बाद अधिकारियों ने गुलदार की पहचान और उसके मूवमेंट की पुष्टि के बाद ही शूट करने का आश्वासन दिया। विभाग के अनुसार, गुलदार को पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं और विभागीय शूटर भी तैनात हैं। डीएफओ ने गांव में लगाए गए पिंजरों का निरीक्षण भी किया और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

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रेंजर हरीश थपलियाल ने बताया कि घास लेने गईं महिलाओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम गांव में लगातार मौजूद है। गुलदार को पकड़ने और गांव को सुरक्षित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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